Diabetes meaning in Hindi
Diabetes meaning in Hindi
Diabetes meaning in Hindi मधुमेही : तुम जियो प्राकृतिक ! - प्राची पाखरे

Diabetes meaning in Hindi – मधुमेही : तुम जियो प्राकृतिक !

डायबिटीज के लक्षण - मधुमेही : तुम जियो प्राकृतिक ! - प्राची पाखरे

Diabetes meaning in Hindi – मधुमेही : तुम जियो प्राकृतिक ! – प्राची पाखरे

 

डायबिटीज के लक्षण – मधुमेही : तुम जियो प्राकृतिक ! – प्राची पाखरे

 

 

 

स्वस्थ जीवनशैली हम सब का अधिकार है। आजकल की आपाधापी भरी जिंदगी में हम अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति ध्यान नहीं देते।

जिसके कारण कम उम्र में ही अनेक बीमारियां हम समाज में देख सकते हैं। इन सब में सबसे अधिक मात्रा और सामन्यरूप में पायी जानेवाली बिमारी है मधुमेह

जी हाँ ! आज भारत के प्रत्येक घर में एक व्यक्ति को मधुमेह की बिमारी है।

जब शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन पहुंचना कम हो जाता है, तो खून में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है, ऐसी स्थिति को मधुमेह कहते हैं। इंसुलिन का काम शरीर में

भोजन को एनर्जी में बदलना होता है और इसी हार्मोन की वजह से शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है। वहीं, जब किसी को मधुमेह हो जाता है, तो भोजन

के एनर्जी में बदलने में दिक्कत होती है, जिसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। मरीजों में आँखों, गुर्दों, स्नायु, मस्तिष्क, हृदय के क्षतिग्रस्त होने से इनके गंभीर,

जटिल, घातक रोग का खतरा बढ़ जाता है। ( Diabetes meaning in Hindi ) अगर आप मधुमेह के शिकार हो जाते हो, तो जिंदगीभर इससे छुटकारा पाना मुश्किल है,

हाँ लेकिन इसे अनुशासित खान-पान और व्यायाम कर नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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१. मीठा ! ना बाबा ना – मधुमेह रोगियों को चीनी और चीनी युक्‍त कोई भी खाद्य पदार्थ खाने से बचना चाहिए। इससे ब्‍लड में शुगर का स्‍तर नहीं बढ़ेगा।

२. वजन ने किया है इशारा – नियमित रूप से व्यायाम करना, टहलने जाना, तले हुए पदार्थों को खाने से बचना मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद है।

ओवरईटिंग, जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड, केक, आइसक्रीम को करो बाय !

३. खाएं तो खाएं क्या – मधुमेह के मरीजोंने, ताजे फलों और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए, इसमें मौजूद विटामिन, प्रोटीन, फाइबर, मिनरल के कारण ब्‍लड

में शुगर का स्‍तर प्रभावित नहीं होगा और कोलेस्‍ट्रॉल से बचाव होगा। इसलिए नियमित रूप से ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। छोटे छोटे अंतराल में भोजन लें।

जिससे इन्सुलिन की मात्रा साधारण हो जाती है।

४. जो नेचुरल – करेले का रस, एलोवेरा का रस, जामुन का रस इनका सेवन सुबह करें। मेथी, भिंडी, लहसुन, अदरक, कढीपत्ता, इनका इस्तमाल भोजन में आवश्य करें।

शक्कर की चाय की जग़ह ग्रीन टी लें।

५. बुरी आदते छोड़ दो – कॉफी, धूम्रपान और मद्यपान जैसी आदतों से बचना चाहिए। उतना ही नहीं कोल्ड्रिंक्स और सॉफ्टड्रिंक्स को भी दिलोदिमाग से उतार दो।

उनकी जगह नारियल पानी पियो।

६. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स ना खाएं – चावल, पास्ता, व्हाइट ब्रेड, बिस्किट्स न खाएं। ड्रायफ्रूट्स , सैलड, अंकुरित अनाज, दाल और सूप्स जैसे पदार्थों का सेवन करें।

७. इन्सुलिन और परिक्षण – ब्‍लड ग्लूकोज और दैनिक इन्‍सुलिन इंजेक्शन के हाई लेवल को कम करने के लिए खाने योग्‍य दवाइयां, टाइप १ मधुमेह के लिए सबसे प्रभावी उपचार हैं।

टाइप २ मधुमेह के कुछ मामलों में भी इन्‍सुलिन इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। आप ब्‍लड ग्लूकोज मीटर से घर पर भी इसका लेवल चेक कर सकते हैं।

ब्‍लड ग्लूकोज मीटर एक छोटा उपकरण है, इससे रक्‍त में ग्लूकोज की मात्रा का पता लगाया जाता है।

 

 

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