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Urdu newspaper – कानपुर के उर्दू प्रेस और अखबार

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Urdu newspaper – कानपुर के उर्दू प्रेस और अखबार

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8/7/2021,

कानपुर का पहला फारसी व उर्दू का प्रेस मतबाई मुस्तफाई सन् १८५० मे खुला | यह पश्चिमोत्तर प्रान्त का पहला व अच्छा वर्नाक्युलर प्रेस मे शुमार था |

लीथू का ही संगी मत्बा ( पत्थर पे नक्काशी वाला प्रेस ) कानपुर मे सन् १८३० मे मिस्टर आर्चर ने शुरु किया |

लखनऊ के नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने मिस्टर आर्चर को कानपुर से लखनऊ बुलाकर संगी प्रेस कायम किया,जिसमे पहली किताब अलफया छपी थी |

लेथो प्रेसो मे हाजी कमरुद्दीन का कयूमी प्रेस भी नामी था जो पटकापुर जामा मस्जिद के पास था |

इन्तजामी प्रेस , मजीदी प्रेस , और रज्जाकी प्रेस ने भी उर्दू प्रेसो मे नाम कमाया | कानपुर का

पहला फारसी / ( Urdu newspaper ) उर्दू अखबार शोला ए तूर था | यह आठपृष्ठीय साप्ताहिक सन् १८६० मे मोहल्ला गुलशन बाजार

कानपुर के पूरन दरोगा के मकान से जमना प्रसाद अख्तर ने शुरु किया था | कुछ लोग इसे १८५७ से पहले का भी मानते है |

मुन्शी नवलकिशोर ने कानपुर मे सरसैयाघाट / कचहरी के पास प्रेस की शाखा शुरु कर सन् १८६५ मे कानपुर गजट अखबार जारी किया |

कानपुर – लखनऊ रेलवे गंगा पुल उद्घाटन के बाद अखबार लखनऊ चला गया और १९१४ तक दूसरे नाम से जारी रहा |

सन् १८६५ मे ही मोहल्ला पटकापुर से दरिया ए लताफत अखबार निकला |

आठ से सोलह पेज के इस साप्ताहिक अखबार को सैयद लताफत हुसैन ने शुरु किया था |

सन् १८६९ मे नई सड़क से मत्ला ए नूर अखबार निकला | सोलहपृष्ठीय अखबार के मालिक लालविहारी जी और संपादक शेख नवी बख्श थे |

सन् १८७१ मे नूर उल अनवार साप्ताहिक अखबार अब्दुल रहमान खान शाकिर ने शुरु किया |

यह अखबार सर सैयद अहमद खाँ के अखबार तहजीब उल इखलाक के मुकाबले मे था इसमे आठ पेज होते और हर शनिवार को मंजरे आम पर आता था |

३० अगस्त सन् १८७३ मे नूर उल आफाक पाक्षिक अखबार शुरु हुआ इसके मालिक मशहूर शायर शाकिर कानपुरी थे |

सन् १८८३ मे मोहल्ला मंदिर गुरुप्रसाद शुक्ल से पण्डित प्रेमनारायण जी ने हबीबे हिन्द अखबार निकाला जो पाच पृष्ठ का साप्ताहिक हर रविवार को आता था |

सन् १८८३ मे ही सैयद नबी अशरफ ने आठ पृष्ठीय साप्ताहिक अखबार हामी ए हिन्द निकाला था |

कानपुर के कस्बा शिवराजपुर से अप्रैल १८८४ मे पाक्षिक अखबार मंजर हकीकी निकला |

यह हिन्दी व उर्दू दोनो मे निकलता इसके मालिक थे मुन्शी राजबहादुर श्रीवास्तव जख्मी | जख्मी जी काकोरी के रहनेवाले थे बाद मे कानपुरी हो गये |

ताहिर मोहानी के शागिर्द जख्मी जी का जिक्र लाला श्रीराम देहलवीके तजकिरे खुमखानये जावेद की तीसरी जिल्द मे है | सन् १८८५ मे

हाफिज सैयद मो. अब्दुल हक ने वाइस आफ इस्लाम नाम से पाक्षिक धार्मिक अखबार शुरु किया जो अंग्रेजी व उर्दू मे छपता था | सन् १८९० मे

दस पृष्ठीय साप्ताहिक कानपुर गजट शुरु हुआ इसके मालिक बाबू हरनाम सिंह थे |

अखबार के ८ नवम्बर १८९२ के अंक मे देहली के नलो मे ४ नवम्बर १८९२ को पहली बार पानी छोड़ने का रोचक समाचार दिया गया |

बीसवीं शती मे उर्दू के सबसे पहले अदबी माहनामे ” मखजन “को शाया करने का एजाज पंजाब को हासिल है |

इसके दो साल बाद सूबा उत्तर प्रदेश से दो अदबी रसायल जारी हुए उनमे सर फेहरिस्त ” जमाना ” और

” उर्दू ए मुअल्ला” ज़िसे मौलाना हसरत मोहानी ने अलीगढ़ से जारी किया | जमाना को बरेली से

शिवब्रत लाल ब्रहमन ने सिर्फ ९ माह निकाला और नवम्बर १९०३ मे मुन्शी दयानरायन निगम को सौप दिया जनवरी १९०४ से कानपुर से जमाना शुरु हुआ |

जमाना मे अल्लामा इकबाल , जोश , चकबस्त सहित मुन्शी प्रेमचन्द की कहानिय़ाँ प्रकाशित होती थी |

मुन्शी दयानारायन निगम ने १९१२ मे ” आजाद ” नाम से एकरोजनामा भी शुरु किया | सन १९१० मे

कानपुर से मोमिन गजट साप्ताहिक शुरु हुआ जिसके संपादक एम ई जकरिया थे | सन् १९१६ मे

अलबरीद साप्ताहिक जारी हुआ इस १२ पृष्ठीय अखबार के संपादक आबिद अली और दफ्तर बेकनगंज मे था |

यह १९४६- ४७ तक प्रकाशित होता रहा | सन १९१७ मे मेस्टन रोड से आठ पृष्ठीय दसरोजा अखबार मैवनिस्पल रीवीव कानपुर शुरु हुआ |

मार्च १९१८ मे १६ पृष्ठीय अखबारे सईद मासिक निकला यह बच्चो का अखबार था और इसे प्रोफेसर हामिद कादरी ( १८८७ – १९६४ ) ने निकाला था |

मौलाना हसरत मोहानी ने कानपुर से सन् १९२१ मे साप्ताहिक इस्तकबाल निकाला |

अखबार मे देशप्रेम की खबरो की वजह से ब्रिटिश हुकुमत ने दो साल की कैद की सजा भी दी थी | सन् १९३० मे

कानपुर से हास्य व्यंग का साप्ताहिक अखबार चोंच निकला ,इसका दफ्तर चटाई मोहाल मे था और संपादक श्रीमती अदीबा आमना बेगम थी |

इसी दौर मे मुदीर अहमद हुसैन बारवी के संपादन मे हमारी आवाज साप्ताहिक ( Urdu newspaper )अखबार निकला | सन् १९४१ मे

मौलाना इस्माईल जबीह साहब ने कौमी अखबार साप्ताहिक निकाला | यह मशहूर अखबार बाद मे दैनिक कर दिया गया |

इन्तजामी प्रेस , मखनिया बाजार से ख्वाजा अब्दुल सलाम जी सदाकत अखबार निकालते थे |

इसी दौर मे कई और अखबार भी निकले उनमे से गरीब (१९३०), सदाकत (१९४०), दस्तूर आवाजे

वतन फिल्म स्टार वीकली (१९५५) साप्ताहिक तहरीक (१९५७) सियासत जदीद दैनिक(१९४७)

अनवारे कौम दैनिक (१९८५) राष्ट्रीय सहारा दैनिक (२००७) और दुखती रग व बख्शी टाइम्स वगैरह |

अनूप कुमार शुक्ल “अनूप”
महासचिव: कानपुर इतिहास समिति कानपुर

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